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अप्रैल, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

All About HUF

  HUF क्या है ? क्या आप के पास कोई Ancesteral Property है  जैसे कि आप के पुरखों या आपके  पिता जी द्वारा खरीदा गया Flat / Shop या कोई दूसरे property जिससे कि नियमित आय होती है ? क्या ये आय आपके PERSONAL INCOME में जुड़ कर आपका tax slab बढ़ा रहा है ? अगर हां तो अब समय है कि Ancestral Property Income को अपने Personal  Income से अलग कर दें , कानूनी तरीके से । क्या करना है आपको ? आपको Hindu Undivided Family (HUF) बनानी है और सारे वैसे income को HUF income में Divert करनी है । जब आप HUF create करेंगे तो  आप इसका Karta होंगे  इसका अलग से PAN नंबर होगा  अलग से  Bank Account होगा । Income उसी बैंक अकाउंट में जाएगा ,  As a Karta आप उस बैंक account को operate करेंगे , और इनकम Tax return भी उसी HUF PAN number पर होगी । समझ लीजिए कि HUF का PAN एक Seperate Entity है और जैसे आपको Tax में 3 लाख तक छूट मिलती है , 12 लाख तक टैक्स फ्री इनकम होती है , वो सारी benefits आप अलग से ले सकते हैं । HUF के नाम पर आप सब तरह के  बचत और  निवेश भी कर सकते हैं । इस...

How to Avail Interest free Home loan from Bank

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 How to Avail Interest free Home loan from Bank अगर आप घर बनाने के लिए home loan लेते हैं तो हम आप को एक ट्रिक बताने जा रहे है जिनके चलते आप होम लोन का Load कम कर सकते हैं और आप को अलग से बचत भी नहीं करना पड़ेगा । होम लोन अनुमानतः 15/20//25 साल के लिया जाता है । मान लीजिए आप 50 लाख का home loan लेते हैं और 15 साल में वापस करना चाहते हैं । मान लीजिए आप 8.50% के रेट से होम लोन लिए हैं । 15 साल में आप का कुल Interest होगा Rs 31,69,538 आप का EMI होगा 45390 और interest मिला कर कुल चुकता करेंगें Rs 81, 70, 000 के करीब । अब आप के लिए एक सुझाव है आप होम लोन को 20 साल के लिए लीजिए ऐसी हालत में आप की EMI कम तो हो जायेगी लेकिन INTEREST की रकम बढ़ जाएगी । (इसकी चिंता न करें आगे पढ़ें ) अगर आप लोन 20 साल के लिए लेते हैं तो आप को कुल इंटरेस्ट देना होगा Rs 42,28, 906 लेकिन EMI होगी Rs 38,454/- इस तरह दोनो EMI के बीच करीब Rs 6936 (45390-38454) -का अंतर हुआ । अब आप इस बचत Rs 6936 को 15 साल के लिए Mutual Fund में हर महीना SIP के जरिए इन्वेस्ट करना शुरू कीजिए । मान लीजिए कम से कम आप को 12% क...

MARRIED WOMEN'S PROPERTY ACT

  क्या आप जानते हैं Married Women’s Property Act के बारे में MWP Act एक ऐसा कानून है जो married व्यक्ति की life insurance policy को उसकी wife और बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित बना देता है। मान लीजिए आपने बैंक से किसी काम के लिए लोन लिए हैं जैसे कार  खरीदने , घर बनाने आदि, या बिजनेस उधार , creditors आदि है या लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी गिरवी रखे हैं , ऐसी हालत में कोई अनहोनी होने पर इंश्योरेंस से मिले पैसे पर बैंक , क्रेडिटर आदि का हक पहले होगा , उनको पहले चुकाना होगा । लेकिन अगर आप पॉलिसी लेते समय MWP Box को टिक कर देते हैं तो फिर  ये Act लागू हो जाएगा  इस एक्ट के तहत ली गई policy का पैसा न तो किसी बैंक , किसी creditor (कर्ज देने वाले) या किसी रिश्तेदार द्वारा claim किया जा सकता है और न ही किसी legal dispute में अटकता है। यह policy एक तरह से trust बन जाती है, जिसमें सिर्फ पत्नी और बच्चे ही beneficiary होते हैं, और इसे बाद में बदला भी नहीं जा सकता। मजे की बात यह है कि अगर Endonment पॉलिसी है और पति के जीवित रहते money back होता है तो वह पैसा भी पति को नहीं बल्कि पत्नी और...

What is Gift Nifty

  Nifty vs Gift Nifty : अक्सर लोग हमसे पूछते हैं कि ये Gift Nifty क्या है और ये Nifty  (निफ्टी50) से अलग कैसे है ?? लोग Gift Nifty और Nifty से कन्फ्यूज हो जाते हैं , तो मैं आज आप को Nifty और Gift Nifty के बारे में बताता हूं । ⚡ Nifty क्या है ?? National Stock Exchange  (NSE) का main stock market index है यह देश की Top 50 companies का  परफॉर्मेंस बैरोमीटर है जैसे रिलायंस , इन्फोसिस , Tata Steel, HDFC Bank , SBI Bank , MAHINDRA  आदि  आदि , इसे large cap company भी कह सकते हैं । SIP, Mutual Fund ,  long-term investment इसी पर आधारित होते हैं । यह सुबह 9.15 से अपराह्न 3.30 pm तक खुली रहती है। ⚡ GIFT NIFTY क्या है ? यह Nifty का future contract है पहले इसे SGX Nifty कहते थे अब यह GIFT City अहमदाबाद (India) में ट्रेड होता है । इसलिए इसका नाम SGX NIFTY से  बदल कर GIFT NIFTY  कर दिया गया है । ⚡ इसका काम है : Global investors को trade करने देना Market यानी  NSE /BSE को GLOBAL HAPPENINGS का early संकेत (indicator) देता है ।  🔶 दोनों में मुख्य...

Do You know what is 54EC Bonds

Do You know what is 54EC Bonds When individuals or businesses sell their capital assets they can accrue capital gains if the asset is sold for a profit or capital loss if the purchase price exceeds the sale price. Capital assets could include land, building etc which if held for more than 36 months or 24 months or 12 months depending on the asset, are called as Long term capital assets. When you accrue capital gain on the sale of such capital assets, the capital gain on such sale is subject to taxation. Long-term capital gain (LTCG) is taxable at 20% (with indexation) or 12.5 % without Indexation for real estate. This is where 54 EC Bonds come into picture to save your hard earned money from being heavily taxed! 54 EC Bonds are also called as Capital Gain Bonds. If a person invests the capital gains accrued from a sale of an asset, into capital gain bonds, they would be eligible for a tax exemption on such gains. What are 54EC Bonds? 54EC Bonds are investment options that act as ...